शुभकामनाएं

शुभकामनाएं :- आप सभी को हमारी तरफ से 72वें गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।आप सभी हर्ष और उल्लाष के साथ इस पर्व को मनाये।और ध्यान दें - "कहीं भी जाये मास्क लगाएं" जय हिंद जय भारत।

सत्य का साथ दो...............

                  सत्य शांत स्वभाव का होता है। उसमे कभी भी दूसरों को परेशान करने की नीयत नही होती ।सत्य सीधा, सरल और लचीला होता है पर असत्य कठोर, निर्दयी, दुस्साहसी और अहंकारी होता है। 'अहंकारी असत्य' अपने ताकत के गरूर में रहता है इसलिए वह हमेसा  सत्य को परेशान करता है और उसे दुःख देता है।पर वह कभी भी सत्य को पराजित नही कर पाता है।क्योंकि जो सत्य है वो सत्य ही रहेगी । उसे कभी बदला नही जा सकता , दबाया नही जा सकता, कुचला नही जा सकता है और न ही उसे कभी मिटाया जा सकता है । सत्य हमेसा अमर होता है सत्य के मन मे कोई छल कपट नही होता ।सत्य स्वार्थी नही होता । वह हमेशा लोक कल्याणकारी होता है। असत्य भय की जिंदगी जीता है पर सत्य निर्भय होकर जीवन यापन करता है।इसलिए हमे  हमेसा सत्य का साथ देना चाहिए।इस बात की प्रेणना हमे इस कविता से मिलती है जिसका शीर्षक है  "सत्य का साथ दो" ।

    
                    
                          ◆ सत्य का साथ दो ◆


सत्य ही सत्य है,
सत्य की ही जय है।
सत्य है मंगलम ,
सत्य का साथ दो ।

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असत्य षडयंत्र रचे ,
सत्य को परेशान करे ।
सत्य की जयकार हो ,
सत्य का साथ दो ।

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सत्य छिपता नही ,
सत्य बिकता नही ।
असत्य का अंत बुरा ,
सत्य का साथ दो  ।

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सत्य ही ज्ञान है ,
असत्य अज्ञान है ।
सत्य साकार हो ,
सत्य का साथ दो ।

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असत्य के पॉव नही ,
असत्य में छाँव नही ।
असत्य भयभीत रहे ,
सत्य का साथ दो ।

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असत्य रूपी 'पाप-घड़ा'  ,
एक दिन फुट पड़े ।
सत्य का प्रसार हो ,
सत्य का साथ दो ।

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सत्य है अखण्ड ज्योति ,
दूर करे , अंधकार को ।
सत्य से प्रकाश बढ़े ,
सत्य का साथ दो ।

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सत्य ही युद्ध मे ,
होता है विजयी भवः ।
सत्य ही धर्म है ,
सत्य का साथ दो ।

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           असत्य का अंत हमेशा बुरा होता है। सत्य के बारे मे आप की क्या राय है।सत्य और असत्य को आप किस नजरिये से देखते है।क्या आप के जीवन मे सत्य और असत्य से सम्बंधित कोई घटना घटित हुई है यदि हां तो उसका अंत क्या हुवा है।हमे बताये।

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